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CCE - Croap cutting Experiment ( फसल कटाई प्रयोग )

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  फसल कटाई harvesting या कटनी Table of Contents [ hide ] जैसा की हम जानते है की किसान खेत में फसल बोता है यह मुख्यता दो प्रकार की है रबी एवं खरीफ कही कही उन्हारी की फसल होती है खेतो में तैयार फसल को काटकर इकठ्ठा किया जाता है इसके बाद थ्रेशिंग और भण्डारण किया जाता है I   आप यह भी जाने की पट्टा या ऋणपुस्तिका क्या होती है क्यों आवश्यक है  ? CCE फसल कटाई प्रयोग   की आवयकता देश की औसत पैदावार की गड़ना एवं फसल क्षति की गड़ना , एवं बीमा लाभ के गड़ना के लिए फसल कटाई प्रयोग किया जाता है   I कार्य संपादन  पहले मैनुअली प्रयोग कर आंकड़े निकाले जाते थे आंकड़ो में गड़बड़ी व किसानो को फसल बीमा का लाभ न मिल पाने के कारण शिकायत रहती थी इसलिए  मोबाइल एप तैयार किया गया I  पूरे देश में अलग अलग फसल बीमा योजना होने के बजाय पूरे देश में प्रधान मंत्री फसल बीमा योजना को लागू किया गया है एवं फसल उतपादन की गड़ना आंकड़ो एवं फसल बीमा की एकरूपता के लिए मोबाइल एप बनाया गया है     1.         पहले       ...

Bhulekh Khatauni / B1 / JAMABANDI खतौनी (बी-1) / जमाबंदी क्या है ?

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Bhulekh   Khatauni / B1 / JAMABANDI खतौनी (बी-1) / जमाबंदी क्या है ? Table of Contents [ hide ]          सामान्यता यह राजस्व रिकॉर्ड का मुख्य अभिलेख होता है जिस प्रकार से भू अधिकार ऋण पुस्तिका या पट्टा में किसी किसान की सम्पूर्ण भूमि का ब्यौरा होता है उसी प्रकार खतोनी में सम्पूर्ण भूमि का ब्यौरा लिखा होता है साथ ही कुल भू राजस्व का विवरण होता है I       प्रश्न उठता है की खसरा व खतोनी में अंतर क्या है - अंतर यह है की खसरा में किसी किसान के पास किसी गाँव में कई क्षेत्रो में अलग अलग भूमि होती है जिनके नम्बर अलग अलग होते है जिन्हें खरा नम्बर कहते है किसी एक खसरा नम्बर की जानकारी एक खसरा पेज में होती है किन्तु खतोनी में उस गाँव के सभी नम्बरों का हवाला एक जगह होता है I किसान को समस्या कहा जाती है ?     समस्या तब होती है जब  - कोई किसान एक ही गाँव में भूमि  अलग अलग तरीको से भूमि धारण करता है जैसे कुछ BATWARA बटवारे से प्राप्त हुई या कुछ उसने खुद  क्रय की या कुछ उसे DIVERSION डाईवर्सन NAMANTARAN नामान्तरण स...

Bhulekh khasra भूलेख खसरा क्या है ?

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        Bhulekh khasra  भूलेख खसरा क्या है  ?  Table of Contents [ hide ] - खसरा किसान के पास जो भी भूमि होती है उस भूमि या भूमि के टुकड़े का क्रमांक होता है जिसे खसरा कहते है I       एक भूमिस्वामी के पास खसरो की संख्या एक से अधिक भी हो सकती है जो उसकी ऋण-पुस्तिका में लिखी होती है प्रतेक खसरा का एक रकबा होता है I पहले के समय में यह जानकारी हस्तलिखित रिकॉर्ड में हलके के कर्मचारी पटवारी PATWARI के पास होती थी जिसे किसान कभी भी देख सकते थे किन्तु उन्हें पटवारी के पास जाना पड़ता था I     आज क DIGITAL दौर में कंप्यूटर COMPUTER RECORD हो गया है जो इन्टरनेट पर है कोई भी किसान किसी भी समय अपना रिकॉर्ड घर बैठे मोबाइल या कंप्यूटर से देख सकता है I   कंप्यूटर खसरे के सबसे ऊपर लिखा होता है की भूमि किस तहसील की है एवं कोन सा राजस्व मंडल है व कोन सा पटवारी हल्का है      खसरे में कुल 12 कोलुम होते है जिसमे  कोलोम 1 में खसरा नम्बर , कोलम 2 में खसरा का रकबा ,कोलम 3 में किसान का नाम एवं उस रकबे का र...

पट्टा, भू-अधिकार एवं ऋण पुस्तिका क्या होती है PATTA , BHUADHIKAR RINPUSTIKA ?

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      पट्टा, भू-अधिकार एवं ऋण पुस्तिका क्या होती है PATTA , BHUADHIKAR RINPUSTIKA  ? Table of Contents [ hide ]   जिस प्रकार से किसी व्यक्ति के किसी बैंक अकाउंट में पैसे के लेनदेन हेतु एवं उसके जमा एवं ब्याज का हिसाब रखने हेतु एक पुस्तिका  होती है जिसे पासबुक कहते है ठीक उसी प्रकार पट्टा, भू-अधिकार एवं ऋण पुस्तिका का कृषक के लिए वह आवश्यक दस्तावेज है जिसमे किसी विशेष हल्का में उस व्यक्ति के स्वामित्व की एक किताब होती है जिसमे उस हलके में धारित कुल भूमि का हिसाब एवं राजस्व लेनदेन का हिसाब होता है I      एक PATTA पट्टा (भू अधिकार एवं ऋण पुस्तिका) का एक निर्धारित क्रमांक होता है जिसे  ऋण पुस्तिका क्रमांक कहते है जैसे ऊपर  L क्रमक L ........... क्रमांक है   इस पुस्तिका के अन्दर कई प्रष्ठ होते है I      पट्टा (भूअधिकार एवं ऋणपुस्तिका ) में एक या कई किसानो का नाम एवं उनका उस भूमि में हिस्सा लिखा होता है एवं सम्बंधित किसान की फोटो लगी होती है I किसान की फोटो एवं रकबा तहसीलदार द्वारा प्रमाणित होना चाहि...

किसान रिकार्ड्स( ई-भूलेख ) vs ई-गवर्नेंस FARMER RECORDS (EBHULEKH) AND E GOVERNANCE

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FARMER RECORDS (EBHULEKH) AND EGOVERNANCE किसान रिकार्ड्स( ई-भूलेख )  ई-गवर्नेंस       भारत एक कृषि प्रधान देश है जहाँ अधिकतर  आबादी कृषि पर आधारित है संक्षिप्त में इस कृषि कार्य को करने वाले को हम  किसान कहते है या दूसरे शब्दों में अन्नदाता कहते है  ये खाद्य सामग्री के   साथ साथ बागवानी , पशुपालन , मुर्गीपालन , मछली पालन का कार्य भी करते है I       किसान जिस जगह पर खेतीबाड़ी का  कार्य करते है उस भूमि को खेत कहते है  यह भूमि का एक उपजाऊ क्षेत्र होता है i यह क्षेत्र आवश्यकता नुसार उपजाऊ भूमि, बंजर भूमि या जलमग्न भूमि या कोई और  भूमि भी हो सकती है I Table of Contents [ hide ] कृषक अभिलेख ( FARMER - RECORD )     किसान जिस भूमि पर खेती करता है उस भूमि का स्वामी वह किसान होता है उस स्वामित्व के सम्बन्ध में कुछ दस्तावेज होते है जिन्हें अभिलेख या (RECORD)  कहते है जो निम्नलिखित है- भूअधिकार एवं ऋण-पुष्तिका (पट्टा) , खसरा , खतौनी, नक्शा    ebhulekhgyan me ap yah bhi padh sakte ...